Sunday, June 6, 2021

8 june 21 द्वीपः

द्वीपः

जनसमुद्रे
निवसति प्रतिमनुष्यं
भवति
  एको   द्वीपः
अपरिमितवेदनायाः;
नामरहितायाः पीडायाः:
अज्ञातभयस्य।
जनसमुद्र में
प्रत्येक आदमी रहता है
एक टापु
अरिमित वेदना का,
नाम रहित पीडा का,अज्ञात भय का।
राजु साटीया और Dhansukhray Mehta को

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